एम: हामिद ईज्जी आलोट ✒️
एक दौर था जब घर में ब्लैक एंड व्हाइट टीवी होना शान की बात मानी जाती थी! फिर रंगीन टीवी आया उसके बाद एलसीडी, एलईडी, स्मार्ट टीवी, और अब एआई टीवी का जमाना आ गया
लेकिन समय का चक्र इतनी तेजी से घूम गया कि आज कबाड़ी की दुकान पर मैकेनिक की दुकान पर ब्लैक एंड व्हाइट टीवी और आधुनिक एलइडी टीवी दोनों लगभग एक ही भाव में तौले जा रहे हैं।
कबाड़ी मुस्कुरा कर कहा रहा साहब तकनीक चाहे जितनी आधुनिक हो जाए आखिर में सबका वजन ही बिकता है ।
एक समय था जब ब्लैक एंड व्हाइट टीवी देख कर लोग हैसियत का अंदाजा लगाते थे फिर एलइडी टीवी आया और लोगों ने समझ लिया कि अब यही आधुनिकता की पहचान है
मगर आज दोनों कबाड़ी की दुकान पर एक ही भाव में पड़ें है यहां तो समय और तकनीककी बात ?
📺एम हामिद ईज्जी 🖥️
अब इंसानों का भी यही हाल है जब तक उपयोग है तब तक सम्मान है काम निकलते ही कीमत अक्सर कबाड़ी से भी काम ऑकी जाने लगती है इसलिए
चाहे घर बड़ा है मगर दिल छोटा ब्रांड है मगर व्यवहार नहीं तो आपकी क्वालिटी कबाड़ी के यहां रखे हुए समान से कम है समय हर चमक को धूल में बदलना जानता है
आप समाज के किसी पद पर है आप राजनीति में किसी ओहदे पर है या आपको अगर अपने दौलत पर घमंड है
तो एक बात याद रखें समय का तराजू कभी किसी से पक्षपात नहीं करता