बोहरा समाज में रिश्तों के नाम पर ठगी का बड़ा गिरोह सक्रिय होने की चर्चा
व्हाट्सऐप समूहों में फर्जी प्रोफाइल बनाकर रिश्ते का झांसा, आर्थिक मदद के नाम पर मांगे जा रहे पैसे
शाजापुर। बोहरा समाज में विवाह योग्य युवक-युवतियों के रिश्तों की तलाश कर रहे परिवारों को कथित रूप से निशाना बनाने का मामला सामने आया है। समाज में चर्चा है कि कुछ महिला-पुरुष मिलकर व्हाट्सऐप समूह बनाकर ऐसे परिवारों को जोड़ रहे हैं, जिनके घरों में बड़ी उम्र के बेटे या बेटियां अभी तक अविवाहित हैं। रिश्ते की तलाश में परेशान परिवारों की इसी मजबूरी और भरोसे का कथित तौर पर फायदा उठाया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि इन समूहों में आकर्षक युवक-युवतियों की तस्वीरों के साथ विवाह संबंधी जानकारी साझा की जाती है। आरोप है कि कुछ मामलों में सोशल मीडिया से तस्वीरें उठाकर अथवा कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से तस्वीरें तैयार कर फर्जी प्रोफाइल बनाई जाती हैं। प्रोफाइल देखने के बाद जब परिवार रिश्ते के लिए संपर्क करते हैं तो सामने वाला पक्ष बातचीत के जरिए भरोसा कायम करने का प्रयास करता है।
इसके बाद अलग-अलग बहानों से पैसों की मांग किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। कभी दस्तावेज तैयार कराने, कभी मिलने-जुलने की व्यवस्था, कभी किसी अन्य आवश्यक प्रक्रिया तो कभी आर्थिक परेशानी का हवाला देकर रकम मांगी जाती है। रिश्ते की उम्मीद में परिवार कई बार बिना पर्याप्त सत्यापन के पैसे दे देते हैं।
पीड़ितों के अनुसार, रकम मिलने के बाद कई मामलों में सामने वाले व्यक्ति का मोबाइल बंद हो जाता है या संबंधित प्रोफाइल ही गायब हो जाती है। कुछ मामलों में यह भी पता चलता है कि जिस युवक या युवती की तस्वीर दिखाकर रिश्ता बताया गया था, वह प्रोफाइल ही फर्जी थी। इस तरह परिवारों को आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी भी उठानी पड़ती है।
रिश्ते की मजबूरी बन रही ठगों का हथियार
बच्चों के विवाह को लेकर चिंतित माता-पिता और परिवार रिश्ते की जानकारी मिलने पर स्वाभाविक रूप से सामने वाले पर भरोसा कर लेते हैं। इसी भरोसे को कथित ठग अपना हथियार बना रहे हैं। समाजजनों का कहना है कि विवाह जैसे संवेदनशील मामले को आर्थिक ठगी का माध्यम बनाया जाना बेहद गंभीर विषय है और ऐसे मामलों पर समाज स्तर के साथ-साथ कानूनी स्तर पर भी सख्ती जरूरी है।
पैसे देने से पहले पूरी जांच जरूरी
समाज के जागरूक लोगों ने अपील की है कि किसी भी व्हाट्सऐप समूह या अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए रिश्ते पर तुरंत विश्वास न किया जाए। तस्वीर और नाम की स्वतंत्र रूप से जांच की जाए, परिवार और निवास की वास्तविक जानकारी हासिल की जाए तथा बिना सत्यापन किसी भी प्रकार की रकम न दी जाए। संदिग्ध प्रोफाइल, मोबाइल नंबर या पैसों की मांग की स्थिति में संबंधित परिवारों को तत्काल पुलिस अथवा साइबर अपराध शाखा को सूचना देनी चाहिए।
यदि ऐसे मामलों में किसी व्यक्ति के साथ वास्तव में ठगी हुई है तो उसके पास मौजूद बातचीत, मोबाइल नंबर, प्रोफाइल के चित्र, भुगतान की जानकारी और अन्य प्रमाण सुरक्षित रखना जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
नोट: इस प्रकार की शिकायतों की आधिकारिक जांच और पुष्टि के बाद ही किसी व्यक्ति या समूह को ठगी का आरोपी माना जाना चाहिए। फिलहाल सामने आई शिकायतों और समाज में चल रही चर्चाओं के आधार पर लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है।