खट्टाली के लोगों के लिए यह पल बरसों से देखा गया ख्वाब मुकम्मल

*इब्राहिम रिज़वी।*✒️*

खट्टाली के लोगों के लिए यह पल बरसों से देखा गया ख्वाब मुकम्मल होने जैसा था….!* *आसमान में ललिमा छाई ,सूरज भी विदा होने की तैयारी में, ठंडी पुरवाई और बादलों की लुका-छिपी में आलीराजपुर जिले की छोटी सी पंचायत बड़ी खट्टाली में बड़ों के साथ साथ ,छोटे – छोटे बच्चे नन्हे हाथों में फूल लेकर रास्ते पर नज़रें जमाएं कि किस पल सय्यदना साहब का काफिला खट्टाली की सरजमीं पर आ जाएं….एक-एक पल पहाड़ की तरह गुजार रहे हैं। हर कोई अपनी जगह पर मुस्तैद और आंखें सड़क पर जमी हुई । पूरा जुगाड़ इस बात को लेकर कि कहीं से भी सय्यदना साहब का दीदार हो जाए। जरा सी कोई वाहन की हलचल होती है कि सब पूछ पड़ते हैं, की गाड़ी आ गई ? ये अपलक इंतजार उनके भीतर बहुत कुछ सींच रहा है !* *व्याकुल होते चेहरे , बच्चों को बार-बार ताकीद करते माता-पिता । सायरन करती फॉलो वाहन और उसके पिछे सय्यदना साहब की गाड़ी का आगमन और वातावरण मे मौला-मौला की सदा गूंज उठी। मौला के दीदार से समाजजनों के चेहरे चमक उठे ! मौला एक नज़र-मौला एक नज़र की आवाज़ ! खट्टाली के लोगों के लिए यह पल बरसों से देखा गया ख्वाब मुकम्मल होने जैसा था।* *बड़ी खट्टाली में बोहरा समाज के महज दो घर लेकिन पुरा गांव सय्यदना मुफद्दल सैफुद्दीन साहब का स्वागत करने के लिए उमड़ पड़ा। मौला मौला के नारों के साथ भारत माता की जय के नारों से आकाश गूंज उठा।* *शेख़ ज़ोहर अली रजब अली के यहां सय्यदना साहब तशरीफ़ लाए और आपने मगरीब की नमाज अदा की। वहीं पर विधायक प्रतिनिधि रमेश मेहता, उपसरपंच शुभम मेहता सहित गणमान्य नागरिकों से मुलाकात की। रमेश मेहता के सर पर सय्यदना साहब ने हाथ रखा उस पल को अपनी जिंदगी के सबसे अनमोल क्षणों में एक मानते हैं।* *खट्टाली में सय्यदना साहब के दीदार के लिए कुक्षी,बाग, नानपुर,टांडा, बड़वानी से बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित हुए थे।* *खट्टाली में सय्यदना साहब के आगमन को लेकर तैयारी में ग्राम पंचायत खट्टाली एवं शेख़ इदरीस बुरहानी कुक्षी आमील साहब ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई*

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