कर्बला का नाम सुनते ही बस एक ही नाम याद आता है हुसैन……!
इब्राहिम रिज़वी- इस्लाम को मानने वाले और खासकर शिया और बोहरा समुदाय के लोगों की एक ही आरजू रहती है की जिदंगी मे खुदा एक बार तो हुसैन की ज्यारत नसीब करें ।इन दिनों चेहल्लुम के अवसर पर कर्बला मे इमाम हुसैन की ज्यारत के लिए दुनिया भर से पांच करोड़ से अधिक जायरीन हुसैन…